बिना कोई पेड़ काटे ‘सदैव अटल’ समाधि बनकर तैयार, 25 को पहली प्रार्थना सभा

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  • दिल्ली में अटलजी का समाधि स्थल 1.5 एकड़ में फैला, कमल के आकार में बनाया गया
  • समाधि स्थल की दीवारों पर अटलजी की कविताओं की पंक्तियां लिखी गईं

Dainik Bhaskar

Dec 24, 2018, 08:46 AM IST

नई दिल्ली (अखिलेश कुमार).  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ बनकर तैयार है। अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को पहली प्रार्थना सभा अटल स्मृति न्यास की तरफ से रखी गई है। इसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत विपक्षी दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। फिलहाल समाधि की फिनिशिंग और सजावट का काम चल रहा है। अटलजी का निधन 16 अगस्त को हुआ था।

अटलजी की इच्छा को ध्यान में रखा गया

  1. अटल स्मृति न्यास के अध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा ने भास्कर से बातचीत में बताया कि समाधि निर्माण में अटल जी के पर्यावरण प्रेम को ध्यान में रखा गया। इस तरह से समाधि बनाई गई है कि एक भी पेड़ काटने की जरूरत नहीं पड़ी।
  2. जहां अंतिम संस्कार हुआ था, उससे थोड़ा हटकर समाधि बनाई गई है। मल्होत्रा ने तर्क दिया कि जहां संस्कार हुआ था, उस जगह को संस्कार स्थल बना दिया गया है। आगे जिस तरह से दीन दयाल उपाध्याय के संस्कार के लिए निगम बोधघाट में बने स्थल पर बड़े नेताओं के संस्कार होते हैं, उसी तरह अब इस जगह का इस्तेमाल होगा।
  3. इस कॉम्प्लेक्स में राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह, आर वेंकटरमन, शंकर दयाल शर्मा, के आर नारायण, प्रधानमंत्री आईके गुजराल, पीवी नरसिंह राव, चंद्र शेखर की समाधि पहले से है। राष्ट्रीय स्मृति 7 एकड़ में फैला है, जिसमें अटलजी की समाधि स्थल के लिए 1.5 एकड़ जमीन तय थी।

     

  4. सदैव अटल समाधि निर्माण में भव्यता का भी ध्यान रखा गया है। निर्माण में लाइटिंग का खूब इस्तेमाल है। समाधि के कमल फूल आकार में बनाने के साथ बीच में एक पारदर्शी पत्थर है, जिसमें रात को लाइट ज्योति की तरह दिखाई देगी। समाधि के चारों तरफ 8 दीवारें हैं जिस पर, मौत की उम्र क्या? दो पल भी नहीं, जिंदगी-सिलसिला, मैं जी भर जिया जैसी कविताएं लिखीं हुई हैं।

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